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हर कोई दिल की हथेली पे है सहरा रखे
ہر کوئی دل کی ہتھیلی پہ ہے صحرا رکھے
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मत हो मग़रूर ऐ कि तुझ में ज़ोर है
مت ہو مغرور اے کہ تجھ میں زور ہے
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जगा सके न तिरे लब लकीर ऐसी थी
جگا سکے نہ ترے لب لکیر ایسی تھی
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यह बे-दिली है तो कश्ती से यार क्या उतरें
یہ بے دلی ہے تو کشتی سے یار کیا اتریں
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उन ने किया था याद मुझे भूल कर कहीं
ان نے کیا تھا یاد مجھے بھول کر کہیں
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