ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
फ़रियाद
सभी
17
अशआर
0
ग़ज़ल
17
ग़ज़ल
17
0
मेरी लौ लगी है तुझ से ग़म-ए-ज़िंदगी मिटा दे
مری لو لگی ہے تجھ سے غم زندگی مٹا دے
0
कुछ मुहतसिबों की ख़लवत में कुछ वाइज़ के घर जाती है
کچھ محتسبوں کی خلوت میں کچھ واعظ کے گھر جاتی ہے
0
बे-दम हुए बीमार दवा क्यों नहीं देते
بے دم ہوئے بیمار دوا کیوں نہیں دیتے
0
एक परवाज़ को भी रुख़सत-ए-सय्याद नहीं
ایک پرواز کو بھی رخصت صیاد نہیں
0
मेरे संग मज़ार पर फ़रहाद
میرے سنگ مزار پر فرہاد
सभी देखें
कवियों की सूची
कवियों
और जानें