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सभी कुछ है तेरा दिया हुआ
سبھی کچھ ہے تیرا دیا ہوا
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अंधेरे लाख छा जाएँ उजाला कम नहीं होता
اندھیرے لاکھ چھا جائیں اجالا کم نہیں ہوتا
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फिर आईना-ए-आलम शायद कि निखर जाए
پھر آئینۂ عالم شاید کہ نکھر جائے
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न हरीफ़-ए-जाँ न शरीक-ए-ग़म शब-ए-इंतज़ार कोई तो हो
نہ حریف جاں نہ شریک غم شب انتظار کوئی تو ہو
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न गनवाओ नावक-ए-नीम-कश दिल रेज़ा रेज़ा गनवा दिया
نہ گنواؤ ناوک نیم کش دل ریزہ ریزہ گنوا دیا
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