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गिरता निज़ाम
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सारा शहर बिलकता है
سارا شہر بلکتا ہے
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सभी गुनाह धुल गए सज़ा ही और हो गई
سبھی گناہ دھل گئے سزا ہی اور ہو گئی
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लहू में रंग लहराने लगे हैं
لہو میں رنگ لہرانے لگے ہیں
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