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सारा शहर बिलकता है
अहमद फ़राज़ द्वारा
سارا شہر بلکتا ہے
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सभी गुनाह धुल गए सज़ा ही और हो गई
परवीन शाकिर द्वारा
سبھی گناہ دھل گئے سزا ہی اور ہو گئی
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लहू में रंग लहराने लगे हैं
Amjad Islam Amjad द्वारा
لہو میں رنگ لہرانے لگے ہیں
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