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काबे में जाँ-ब-लब थे हम दूरी-ए-बुताँ से
کعبے میں جاں بہ لب تھے ہم دوریٔ بتاں سے
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हालत हाल के सबब हालत हाल ही गई
حالت حال کے سبب حالت حال ہی گئی
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क़ुर्बत भी नहीं दिल से उतर भी नहीं जाता
قربت بھی نہیں دل سے اتر بھی نہیں جاتا
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इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ
اس سے پہلے کہ بے وفا ہو جائیں
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न दिल से आह न लब से सदा निकलती है
نہ دل سے آہ نہ لب سے صدا نکلتی ہے
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