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चश्म-ए-मैगूं ज़रा इधर कर दे
چشم میگوں ذرا ادھر کر دے
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कितनी सरकश भी हो सरफिरी यह हवा रखना रोशन दिया
کتنی سرکش بھی ہو سرپھری یہ ہوا رکھنا روشن دیا
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मेरे संग मज़ार पर फ़रहाद
میرے سنگ مزار پر فرہاد
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रही निगुफ़्ता मेरे दिल में दास्तान मेरी
رہی نگفتہ مرے دل میں داستاں میری
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आगे जमाल-ए-यार के माज़ूर हो गया
آگے جمال یار کے معذور ہو گیا
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