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आगे हमारे अहद से वहशत को जा न थी
मीर तक़ी मीर द्वारा
آگے ہمارے عہد سے وحشت کو جا نہ تھی
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बे सर ओ सामाँ थे लेकिन इतना अंदाज़ा न था
अहमद फ़राज़ द्वारा
بے سر و ساماں تھے لیکن اتنا اندازہ نہ تھا
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नाज़-ए-चमन वही है बुलबुल से गो ख़िज़ां है
मीर तक़ी मीर द्वारा
ناز چمن وہی ہے بلبل سے گو خزاں ہے
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अब इतनी सादगी लाएँ कहाँ से
परवीन शाकिर द्वारा
اب اتنی سادگی لائیں کہاں سے
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तुम्हारा हाथ जब मेरे लरज़ते हाथ से छूटा ख़िज़ाँ के आख़िरी दिन थे
Amjad Islam Amjad द्वारा
تمہارا ہاتھ جب میرے لرزتے ہاتھ سے چھوٹا خزاں کے آخری دن تھے
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बस्तियों में इक सदा-ए-बे-सदा रह जाएगी
Amjad Islam Amjad द्वारा
بستیوں میں اک صدائے بے صدا رہ جائے گی
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जगा सके न तिरे लब लकीर ऐसी थी
परवीन शाकिर द्वारा
جگا سکے نہ ترے لب لکیر ایسی تھی
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क़ाबू ख़िज़ाँ से ज़ो'फ़ का गुलशन में बन गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
قابو خزاں سے ضعف کا گلشن میں بن گیا
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सकूत-ए-शाम-ए-ख़िज़ां है क़रीब आ जाओ
अहमद फ़राज़ द्वारा
سکوت شام خزاں ہے قریب آ جاؤ
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हमें आमद-ए-मीर कल भा गई
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہمیں آمد میرؔ کل بھا گئی
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ढब हैं तेरे से बाग़ में गुल के
मीर तक़ी मीर द्वारा
ڈھب ہیں تیرے سے باغ میں گل کے
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फ़स्ल-ए-ख़िज़ाँ में सैर जो की हमने जाए-गुल
मीर तक़ी मीर द्वारा
فصل خزاں میں سیر جو کی ہم نے جائے گل
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