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सैकड़ों ही रहनुमा हैं रास्ता कोई नहीं
سینکڑوں ہی رہنما ہیں راستہ کوئی نہیں
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ऐ सुब्ह मैं अब कहाँ रहा हूँ
اے صبح میں اب کہاں رہا ہوں
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मिसाल साया मोहब्बत में जाल अपना हूँ
مثال سایہ محبت میں جال اپنا ہوں
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एक आज़ार हुई जाती है शोहरत हम को
ایک آزار ہوئی جاتی ہے شہرت ہم کو
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घर से हम घर तलक गए होंगे
گھر سے ہم گھر تلک گئے ہوں گے
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