ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़त
कुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़तकुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा

← टैग्स पर वापस

महशर

सभी 6अशआर 0ग़ज़ल 6
ग़ज़ल6
न जाओ घर अभी तो रात है बादल भी काले हैं
نہ جاؤ گھر ابھی تو رات ہے بادل بھی کالے ہیں
हवा शब को अबस मय के लिए जाना तो क्या होगा
ہوا شب کو عبث مے کے لئے جانا تو کیا ہوگا
ताक़त नहीं है जी में ने अब जिगर रहा है
طاقت نہیں ہے جی میں نے اب جگر رہا ہے
करेंगे शिक्व-ए-जौर-ओ-जफ़ा दिल खोल कर अपना
کریں گے شکوۂ جور و جفا دل کھول کر اپنا
बंद क़बा को ख़ूबाँ जिस वक़्त वा करेंगे
بند قبا کو خوباں جس وقت وا کریں گے
सभी देखें
  • कवियों की सूची
  • कवियों

और जानें

App Download Promo
App Download Promo
App Download Promo
ADABKHANA

उर्दू अदब की रूह की हिफ़ाज़त

खोजें

  • शोअरा
  • ग़ज़लें
  • अशआर
  • लुग़त

जानकारी

  • हमारे बारे में
  • संपर्क

© 2026 Adab Khana. All rights reserved.

Sher card preview