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कहाँ आ के रुकने थे रास्ते कहाँ मोड़ था उसे भूल जा
کہاں آ کے رکنے تھے راستے کہاں موڑ تھا اسے بھول جا
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अब और क्या किसी से मरासिम बढ़ाएं हम
اب اور کیا کسی سے مراسم بڑھائیں ہم
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कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तेरा ख़याल भी
کچھ تو ہوا بھی سرد تھی کچھ تھا ترا خیال بھی
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शर्मिंदगी है हम को बहुत हम मिले तुम्हें
شرمندگی ہے ہم کو بہت ہم ملے تمہیں
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आँखों में नमी आई चेहरे पे मलाल आया
آنکھوں میں نمی آئی چہرے پہ ملال آیا
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