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चमन में गुल ने जो कल दावा-ए-जमाल किया
मीर तक़ी मीर द्वारा
چمن میں گل نے جو کل دعوی جمال کیا
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जी में है याद रुख-ओ-ज़ुल्फ़-ए-सियाह-फ़ाम बहुत
मीर तक़ी मीर द्वारा
جی میں ہے یاد رخ و زلف سیہ فام بہت
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आवेगी मेरी क़ब्र से आवाज़ मेरे बाद
मीर तक़ी मीर द्वारा
آوے گی میری قبر سے آواز میرے بعد
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जिन जिन को था यह इश्क़ का आज़ार मर गए
मीर तक़ी मीर द्वारा
جن جن کو تھا یہ عشق کا آزار مر گئے
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सैर के क़ाबिल है दिल सद-पारा उस नख़चीर का
मीर तक़ी मीर द्वारा
سیر کے قابل ہے دل صد پارہ اس نخچیر کا
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इश्क़ में ज़िल्लत हुई ख़िफ़त हुई तोहमत हुई
मीर तक़ी मीर द्वारा
عشق میں ذلت ہوئی خفت ہوئی تہمت ہوئی
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मूसै समझे थे अरमाँ निकल जाएगा
قمر جلالوی द्वारा
موسیٰ سمجھے تھے ارماں نکل جائے گا
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मेरे संग मज़ार पर फ़रहाद
मीर तक़ी मीर द्वारा
میرے سنگ مزار پر فرہاد
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हो गई शहर शहर रुसवाई
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہو گئی شہر شہر رسوائی
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मत हो मग़रूर ऐ कि तुझ में ज़ोर है
मीर तक़ी मीर द्वारा
مت ہو مغرور اے کہ تجھ میں زور ہے
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दिल साफ़ हो तो जल्वा गह-ए-यार क्यों न हो
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل صاف ہو تو جلوہ گہہ یار کیوں نہ ہو
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मुझ सोज़ बाद-ए-मर्ग से आगाह कौन है
मीर तक़ी मीर द्वारा
مجھ سوز بعد مرگ سے آگاہ کون ہے
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दिल में भरा ज़ बसकि ख़याल-ए-शराब था
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل میں بھرا ز بسکہ خیال شراب تھا
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सांस इन के मरीज़-ए-हसरत की रुक रुक के चलती जाती है
قمر جلالوی द्वारा
سانس ان کے مریض حسرت کی رک رک کے چلتی جاتی ہے
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न गया ख़याल-ए-ज़ुल्फ़-ए-सियह-ए-जफ़ा-शिआ'रां
मीर तक़ी मीर द्वारा
نہ گیا خیال زلف سیہ جفا شعاراں
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जिस जा नसीम शाना-कश-ए-ज़ुल्फ़-ए-यार है
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
جس جا نسیم شانہ کش زلف یار ہے
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हो आजिज़ कि जिस्म इस क़दर ज़ोर से
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہو عاجز کہ جسم اس قدر زور سے
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दिल के दरिया को किसी रोज़ उतर जाना है
Amjad Islam Amjad द्वारा
دل کے دریا کو کسی روز اتر جانا ہے
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जो मैं न हूँ तो करो तर्क नाज़ करने को
मीर तक़ी मीर द्वारा
جو میں نہ ہوں تو کرو ترک ناز کرنے کو
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ताक़त नहीं है जी में ने अब जिगर रहा है
मीर तक़ी मीर द्वारा
طاقت نہیں ہے جی میں نے اب جگر رہا ہے
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