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वह मजबूरी नहीं थी यह अदाकारी नहीं है
وہ مجبوری نہیں تھی یہ اداکاری نہیں ہے
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कब तलक जी रुके ख़फ़ा होवे
کب تلک جی رکے خفا ہووے
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क़ाबू ख़िज़ाँ से ज़ो'फ़ का गुलशन में बन गया
قابو خزاں سے ضعف کا گلشن میں بن گیا
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दिल पहुँचा हलाकी को निपट खेंच कसाला
دل پہنچا ہلاکی کو نپٹ کھینچ کسالا
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तंग आए हैं दिल इस जी से उठा बैठें गे
تنگ آئے ہیں دل اس جی سے اٹھا بیٹھیں گے
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