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ये पैहम तल्ख़-कामी सी रही क्या
یہ پیہم تلخ کامی سی رہی کیا
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सारे रिश्ते तबाह कर आया
سارے رشتے تباہ کر آیا
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है अजब हाल ये ज़माने का
ہے عجب حال یہ زمانے کا
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जुज़ गुमाँ और था ही क्या मेरा
جز گماں اور تھا ہی کیا میرا
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बे-क़रारी सी बे-क़रारी है
بے قراری سی بے قراری ہے
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