Painas Mein Guzarte Hain Jo Kooche Se Woh Mere

پینس میں گزرتے ہیں جو کوچے سے وہ میرے

पैंस में गुज़रते हैं जो कूचे से वो मेरे

ग़ज़ल

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پینس میں گزرتے ہیں جو کوچے سے وہ میرے
کندھا بھی کہاروں کو بدلنے نہیں دیتے

Painas mein guzarte hain jo kooche se woh mere
Kandha bhi kaharon ko badalne nahin dete

पैंस में गुज़रते हैं जो कूचे से वो मेरे
कंधा भी कहारों को बदलने नहीं देते


मिर्ज़ा ग़ालिब

शास्त्रीय

मिर्ज़ा ग़ालिब उर्दू के वो अज़ीम और मशहूर शायर हैं, जिन्होंने क्लासिकी और जदीद दौर के बीच एक पुल का काम किया, और जिनके शेर आज भी इंसानी ज़िन्दगी के हर पहलू को बयान करते हैं।

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