ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
क़फ़स
सभी
28
अशआर
0
ग़ज़ल
28
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
हुक्म-ए-सैय्याद है ता ख़त्म-ए-तमाशाए-बहार
قمر جلالوی द्वारा
حکم صیاد ہے تا ختم تماشائے بہار
0
मुझे बाग़बां से गिला यह है कि चमन से बे-ख़बरी रही
قمر جلالوی द्वारा
مجھے باغباں سے گلہ یہ ہے کہ چمن سے بے خبری رہی
0
अब के भी सैर-ए-बाग़ की जी में हवस रही
मीर तक़ी मीर द्वारा
اب کے بھی سیر باغ کی جی میں ہوس رہی
0
ऐ अब्र-ए-तर तू और किसी सिम्त को बरस
मीर तक़ी मीर द्वारा
اے ابر تر تو اور کسی سمت کو برس
0
तुझे क्या नासिहा अहबाब खुद समझाए जाते हैं
قمر جلالوی द्वारा
تجھے کیا ناصحا احباب خود سمجھائے جاتے ہیں
0
क्या मुसीबत-ज़दा दिल माइल-ए-आज़ार न था
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا مصیبت زدہ دل مائل آزار نہ تھا
0
क़यामत हैं ये चुस्पाँ जामे वाले
मीर तक़ी मीर द्वारा
قیامت ہیں یہ چسپاں جامے والے
0
अगर यूँ ही यह दिल सताता रहेगा
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
اگر یوں ہی یہ دل ستاتا رہے گا
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें