ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
रुसवाई
सभी
24
अशआर
0
ग़ज़ल
24
ग़ज़ल
24
0
तिरे इश्क़ में आगे सौदा हुआ था
ترے عشق میں آگے سودا ہوا تھا
0
अफ़सोस कि दंदाँ का किया रिज़्क़ फ़लक ने
افسوس کہ دنداں کا کیا رزق فلک نے
0
देखिये हो गई बदनाम मसीहाई भी
دیکھیے ہو گئی بد نام مسیحائی بھی
0
मोहब्बत का जब रोज़ बाज़ार होगा
محبت کا جب روز بازار ہوگا
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें