ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
तग़ाफ़ुल
सभी
18
अशआर
0
ग़ज़ल
18
ग़ज़ल
18
0
जराहत तोहफ़ा, अलमास अरमग़ां, दाग़-ए-जिगर हदिया
جراحت تحفہ الماس ارمغاں داغ جگر ہدیہ
0
क़रार दिल का ये काहे को ढंग था आगे
قرار دل کا یہ کاہے کو ڈھنگ تھا آگے
0
तुझी को जो याँ जल्वा फ़रमा न देखा
تجھی کو جو یاں جلوہ فرما نہ دیکھا
0
वाँ वो तो घर से अपने पी कर शराब निकला
واں وہ تو گھر سے اپنے پی کر شراب نکلا
0
ख़ुश क़दाँ जब सवार होते हैं
خوش قداں جب سوار ہوتے ہیں
सभी देखें
कवियों की सूची
कवियों
और जानें