ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
तग़ाफ़ुल
सभी
18
अशआर
0
ग़ज़ल
18
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
जराहत तोहफ़ा, अलमास अरमग़ां, दाग़-ए-जिगर हदिया
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
جراحت تحفہ الماس ارمغاں داغ جگر ہدیہ
0
क़रार दिल का ये काहे को ढंग था आगे
मीर तक़ी मीर द्वारा
قرار دل کا یہ کاہے کو ڈھنگ تھا آگے
0
तुझी को जो याँ जल्वा फ़रमा न देखा
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
تجھی کو جو یاں جلوہ فرما نہ دیکھا
0
वाँ वो तो घर से अपने पी कर शराब निकला
मीर तक़ी मीर द्वारा
واں وہ تو گھر سے اپنے پی کر شراب نکلا
0
ख़ुश क़दाँ जब सवार होते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
خوش قداں جب سوار ہوتے ہیں
0
जब भी उस शख़्स को देखा जाये
Amjad Islam Amjad द्वारा
جب بھی اس شخص کو دیکھا جائے
0
पैंस में गुज़रते हैं जो कूचे से वो मेरे
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
پینس میں گزرتے ہیں جو کوچے سے وہ میرے
0
रफ़्तार-ओ-तौर-ओ-तर्ज़-ओ-रविश का ये ढब है क्या
मीर तक़ी मीर द्वारा
رفتار و طور و طرز و روش کا یہ ڈھب ہے کیا
0
आज लब-ए-गौहर-फ़िशाँ आप ने वा नहीं किया
जौन एलिया द्वारा
آج لب گہر فشاں آپ نے وا نہیں کیا
0
फ़लक करने के क़ाबिल आसमाँ है
मीर तक़ी मीर द्वारा
فلک کرنے کے قابل آسماں ہے
0
ग़ैरों से मिल चले तुम मस्त शराब हो कर
मीर तक़ी मीर द्वारा
غیروں سے مل چلے تم مست شراب ہو کر
0
जब जुनूँ से हमें तवस्सुल था
मीर तक़ी मीर द्वारा
جب جنوں سے ہمیں توسل تھا
0
हँसते हो रोते देख कर ग़म से
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہنستے ہو روتے دیکھ کر غم سے
0
दोज़्दीदा निगह करना फिर आँख मिलाना भी
मीर तक़ी मीर द्वारा
دزدیدہ نگہ کرنا پھر آنکھ ملانا بھی
0
तग़ाफ़ुल दोस्त हूँ मेरा दिमाग़ अज्ज़ आली है
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
تغافل دوست ہوں میرا دماغ عجز عالی ہے
0
जब ब-तक़रीब-ए-सफ़र यार ने महमिल बाँधा
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
جب بہ تقریب سفر یار نے محمل باندھا
0
यक्सू कुशादा रूई पर चीं नहीं जबीं भी
मीर तक़ी मीर द्वारा
یکسو کشادہ روئی پر چیں نہیں جبیں بھی
0
टूटी है मेरी नींद मगर तुम को इस से क्या
परवीन शाकिर द्वारा
ٹوٹی ہے میری نیند مگر تم کو اس سے کیا
कवियों की सूची
कवियों
और जानें