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जीते जी कूचए-दिल-दार से जाया न गया
جیتے جی کوچۂ دل دار سے جایا نہ گیا
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चांद निकले किसी जानिब तेरी ज़ेबाई का
چاند نکلے کسی جانب تری زیبائی کا
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दिल बहम पहुँचा बदन में तब से सारा तन जला
دل بہم پہنچا بدن میں تب سے سارا تن جلا
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दर-ए-कायनात जो वा करे उसी आगही की तलाश है
در کائنات جو وا کرے اسی آگہی کی تلاش ہے
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ख़बर ही नहीं कैसे अंगड़ाई ले कर निगाहें उठाए कि साग़र उठाए
خبر ہی نہیں کیسے انگڑائی لے کر نگاہیں اٹھائے کہ ساغر اٹھائے
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