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जीते जी कूचए-दिल-दार से जाया न गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
جیتے جی کوچۂ دل دار سے جایا نہ گیا
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चांद निकले किसी जानिब तेरी ज़ेबाई का
فیض احمد فیض द्वारा
چاند نکلے کسی جانب تری زیبائی کا
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दिल बहम पहुँचा बदन में तब से सारा तन जला
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل بہم پہنچا بدن میں تب سے سارا تن جلا
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दर-ए-कायनात जो वा करे उसी आगही की तलाश है
Amjad Islam Amjad द्वारा
در کائنات جو وا کرے اسی آگہی کی تلاش ہے
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ख़बर ही नहीं कैसे अंगड़ाई ले कर निगाहें उठाए कि साग़र उठाए
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
خبر ہی نہیں کیسے انگڑائی لے کر نگاہیں اٹھائے کہ ساغر اٹھائے
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कभी कभी याद में उभरते हैं नक़्श-ए-माज़ी मिटे मिटे से
فیض احمد فیض द्वारा
کبھی کبھی یاد میں ابھرتے ہیں نقشِ ماضی مٹے مٹے سے
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तपते सहराओं पे गिरजा सर-ए-दरिया बरसा
अहमद फ़राज़ द्वारा
تپتے صحراؤں پہ گرجا سر دریا برسا
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किसी की आँख में ख़ुद को तलाश करना है
Amjad Islam Amjad द्वारा
کسی کی آنکھ میں خود کو تلاش کرنا ہے
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जैसे मैं देखता हूँ लोग नहीं देखते हैं
Amjad Islam Amjad द्वारा
جیسے میں دیکھتا ہوں لوگ نہیں دیکھتے ہیں
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मेरे दाग़-ए-दिल वो चराग़ हैं नहीं निस्बतें जिन्हें शाम से
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
مرے داغ دل وہ چراغ ہیں نہیں نسبتیں جنہیں شام سے
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नहीं कि नामा-बरों को तलाश करते हैं
अहमद फ़राज़ द्वारा
نہیں کہ نامہ بروں کو تلاش کرتے ہیں
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हम कहाँ और तुम कहाँ जानाँ
जौन एलिया द्वारा
ہم کہاں اور تم کہاں جاناں
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घर से हम घर तलक गए होंगे
जौन एलिया द्वारा
گھر سے ہم گھر تلک گئے ہوں گے
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दर-ए-कायनात जो वा करे उसी आगही की तलाश है
Amjad Islam Amjad द्वारा
در کائنات جو وا کرے اسی آگہی کی تلاش ہے
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