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क़तरा-ए-मय बस्कि हैरत से नफ़स-परवर हुआ
قطرۂ مے بسکہ حیرت سے نفس پرور ہوا
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फ़ुर्क़त में वसलत बरपा है अल्लाह हू के बाड़े में
فرقت میں وصلت برپا ہے اللہ ہو کے باڑے میں
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