ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़त
कुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़तकुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा

← टैग्स पर वापस

वहदत

सभी 4अशआर 0ग़ज़ल 4
ग़ज़ल4
अर्ज़-ओ-समा कहाँ तेरी वुसअत को पा सके
ارض و سما کہاں تری وسعت کو پا سکے
मदरसा या दैर था या काबा या बुत-ख़ाना था
مدرسہ یا دیر تھا یا کعبہ یا بت خانہ تھا
गर्म फ़रियाद रक्खा शक्ल-ए-निहाली ने मुझे
گرم فریاد رکھا شکل نہالی نے مجھے
फ़ुर्क़त में वसलत बरपा है अल्लाह हू के बाड़े में
فرقت میں وصلت برپا ہے اللہ ہو کے باڑے میں
  • कवियों की सूची
  • कवियों

और जानें

App Download Promo
App Download Promo
App Download Promo
ADABKHANA

उर्दू अदब की रूह की हिफ़ाज़त

खोजें

  • शोअरा
  • ग़ज़लें
  • अशआर
  • लुग़त

जानकारी

  • हमारे बारे में
  • संपर्क

© 2026 Adab Khana. All rights reserved.

Sher card preview