Har Haqeeqat Majaaz Ho Jaaye
ہر حقیقت مجاز ہو جائے
हर हक़ीक़त मज़ाज़ हो जाए
ग़ज़ल
१ मिनट पढ़ने मेंمنت چارہ ساز کون کرے
درد جب جاں نواز ہو جائے
Minnat-e-chaara-saaz kaun kare
Daad jab jaan-nawaaz ho jaaye
عشق دل میں رہے تو رسوا ہو
لب پہ آئے تو راز ہو جائے

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ उर्दू के वो अहद-साज़ शायर हैं जिन्होंने इश्क़ की नफ़ासत को इन्क़िलाबी सोच से जोड़कर दुनिया भर में शौहरत हासिल की और अपने विचारों के लिए जेल भी गए।
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