Sara Shehar Bilakta Hai
سارا شہر بلکتا ہے
सारा शहर बिलकता है
ग़ज़ल
१ मिनट पढ़ने में
अहमद फ़राज़ जदीद उर्दू ग़ज़ल के सबसे मक़बूल रूमानी शायर हैं, जिन्होंने अपनी शायरी में क्लासिकी रिवायत और जदीद खयालात को मिलाया, और तानाशाही के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद की।
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