تشنۂ خوں ہے اپنا کتنا میرؔ بھی ناداں تلخی کش
دم دار آب تیغ کو اس کے آب گوارا جانے ہے
तिश्ना-ए-ख़ून है अपना कितना मीर भी नादां तल्ख़ी-कश
दम-दार आब-ए-तेग़ को उस के आब-ए-गवारा जाने है
इन्हीं संग्रहों का हिस्सा
तिश्ना-ए-ख़ून है अपना कितना मीर भी नादां तल्ख़ी-कश
दम-दार आब-ए-तेग़ को उस के आब-ए-गवारा जाने है
इन्हीं संग्रहों का हिस्सा
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