ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
आफ़ताब
सभी
4
अशआर
0
ग़ज़ल
4
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
आए कुछ अब्र कुछ शराब आए
فیض احمد فیض द्वारा
آئے کچھ ابر کچھ شراب آئے
0
पीते ही सुर्ख़ आँखें हैं मस्त शराब की
قمر جلالوی द्वारा
پیتے ہی سرخ آنکھیں ہیں مست شراب کی
0
हम शक्ल कह दिया था रुख़ ला जवाब का
قمر جلالوی द्वारा
ہم شکل کہہ دیا تھا رخ لا جواب کا
0
ऐ तू कि रोज़ ओ शब को मह ओ आफ़ताब दे
अहमद फ़राज़ द्वारा
اے تو کہ روز و شب کو مہ و آفتاب دے
कवियों की सूची
कवियों
और जानें