ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़त
कुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा
ADABKHANA
शोअराग़ज़लेंअशआरमुहावरेलुग़तकुल्लियातटैग्स
ENGURDHIN
प्रोफ़ाइल संपादित करेंमेरी पसंदीदा

← टैग्स पर वापस

आँसू

सभी 55अशआर 0ग़ज़ल 55
ग़ज़ल55
हस्ती अपनी हबाब की सी है
ہستی اپنی حباب کی سی ہے
मेरी लौ लगी है तुझ से ग़म-ए-ज़िंदगी मिटा दे
مری لو لگی ہے تجھ سے غم زندگی مٹا دے
अश्क आँखों में कब नहीं आता
اشک آنکھوں میں کب نہیں آتا
मुँह तका ही करे है जिस तिस का
منہ تکا ہی کرے ہے جس تس کا
ग़म रहा जब तक कि दम में दम रहा
غم رہا جب تک کہ دم میں دم رہا
सभी देखें
← पिछलाअगला →
  • कवियों की सूची
  • कवियों

और जानें

App Download Promo
App Download Promo
App Download Promo
ADABKHANA

उर्दू अदब की रूह की हिफ़ाज़त

खोजें

  • शोअरा
  • ग़ज़लें
  • अशआर
  • लुग़त

जानकारी

  • हमारे बारे में
  • संपर्क

© 2026 Adab Khana. All rights reserved.

Sher card preview