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दुनिया के हर ख़याल से बेगाना कर दिया
دنیا کے ہر خیال سے بیگانہ کر دیا
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आप बैठे हैं बालें पे मेरी मौत का ज़ोर चलता नहीं है
آپ بیٹھے ہیں بالیں پہ میری موت کا زور چلتا نہیں ہے
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काश उठें हम भी गुनाहगारों के बीच
کاش اٹھیں ہم بھی گنہ گاروں کے بیچ
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जो मिटा है तेरे जमाल पर वो हर एक ग़म से गुज़र गया
جو مٹا ہے تیرے جمال پر وہ ہر ایک غم سے گزر گیا
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इस का ख़राम देख के जाया न जाएगा
اس کا خرام دیکھ کے جایا نہ جائے گا
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