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बारे दुनिया में रहो ग़म-ज़दा या शाद रहो
بارے دنیا میں رہو غم زدہ یا شاد رہو
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वह और होंगे जिन को हरम की तलाश है
وہ اور ہوں گے جن کو حرم کی تلاش ہے
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आज़-ए-अहल-ए-सितम की बात करो
عجز اہل ستم کی بات کرو
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न किसी पे ज़ख़्म अयां कोई न किसी को फ़िक्र रफ़ू की है
نہ کسی پہ زخم عیاں کوئی نہ کسی کو فکر رفو کی ہے
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न अब रक़ीब न नासेह न ग़म-गुसार कोई
نہ اب رقیب نہ ناصح نہ غم گسار کوئی
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