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क्या कहिए कि ख़ूबां ने अब हम में है क्या रखा
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا کہیے کہ خوباں نے اب ہم میں ہے کیا رکھا
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जाँ गुदाज़ इतनी कहाँ आवाज़ ऊद-ओ-चंग है
मीर तक़ी मीर द्वारा
جاں گداز اتنی کہاں آواز عود و چنگ ہے
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हो का आलम है यहाँ नाला-गरों के होते
जौन एलिया द्वारा
ہو کا عالم ہے یہاں نالہ گروں کے ہوتے
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तू नहीं तेरा इस्तिआरा नहीं
Amjad Islam Amjad द्वारा
تو نہیں تیرا استعارا نہیں
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चारा-साज़ों की अज़ीयत नहीं देखी जाती
परवीन शाकिर द्वारा
چارہ سازوں کی اذیت نہیں دیکھی جاتی
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मिसाल साया मोहब्बत में जाल अपना हूँ
मीर तक़ी मीर द्वारा
مثال سایہ محبت میں جال اپنا ہوں
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ग़मज़े ने उस के चोरी में दिल की हुनर किया
मीर तक़ी मीर द्वारा
غمزے نے اس کے چوری میں دل کی ہنر کیا
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गुज़र जान से और डर कुछ नहीं
मीर तक़ी मीर द्वारा
گزر جان سے اور ڈر کچھ نہیں
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बजा इरशाद फ़रमाया गया है
जौन एलिया द्वारा
بجا ارشاد فرمایا گیا ہے
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यह बे-दिली है तो कश्ती से यार क्या उतरें
अहमद फ़राज़ द्वारा
یہ بے دلی ہے تو کشتی سے یار کیا اتریں
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मिज़्गान-ए-तर हूँ या रग-ए-ताक बुरीदा हूँ
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
مژگان تر ہوں یا رگ تاک بریدہ ہوں
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कहे है कोह-कन कर फ़िक्र मेरी ख़स्ता-हाली में
मीर तक़ी मीर द्वारा
کہے ہے کوہ کن کر فکر میری خستہ حالی میں
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दिल के तईं आतिश-ए-हिज्राँ से बचाया न गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل کے تیں آتش ہجراں سے بچایا نہ گیا
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बजा कि आँख में नींदों के सिलसिले भी नहीं
परवीन शाकिर द्वारा
بجا کہ آنکھ میں نیندوں کے سلسلے بھی نہیں
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ताक़त नहीं है जी में ने अब जिगर रहा है
मीर तक़ी मीर द्वारा
طاقت نہیں ہے جی میں نے اب جگر رہا ہے
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निकले है जिंस-ए-हुस्न किसी कारवाँ में
मीर तक़ी मीर द्वारा
نکلے ہے جنس حسن کسی کاروان میں
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अजब हालत हमारी हो गई है
जौन एलिया द्वारा
عجب حالت ہماری ہو گئی ہے
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रोग ऐसे भी ग़म-ए-यार से लग जाते हैं
अहमद फ़राज़ द्वारा
روگ ایسے بھی غم یار سے لگ جاتے ہیں
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उस के कूचे से जो उठ अहल-ए-वफ़ा जाते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
اس کے کوچے سے جو اٹھ اہل وفا جاتے ہیں
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ऐ गुल नौ दमीदा के मानिंद
मीर तक़ी मीर द्वारा
اے گل نو دمیدہ کے مانند
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