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मानिंद-ए-शम्अ-ए-मजलिस-ए-शब अश्कबार पाया
मीर तक़ी मीर द्वारा
مانند شمع مجلس شب اشکبار پایا
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सुना है हाल तिरे कुश्तगाँ बेचारों का
मीर तक़ी मीर द्वारा
سنا ہے حال ترے کشتگاں بیچاروں کا
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मैं और बज़्म-ए-मय से यूँ तिश्ना-काम आऊँ
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
میں اور بزم مے سے یوں تشنہ کام آؤں
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कहते हैं बहार आई गुल फूल निकलते हैं
मीर तक़ी मीर द्वारा
کہتے ہیں بہار آئی گل پھول نکلتے ہیں
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क़ैद में गुज़रेगी जो उम्र बड़े काम की थी
परवीन शाकिर द्वारा
قید میں گزرے گی جو عمر بڑے کام کی تھی
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कब तलक जी रुके ख़फ़ा होवे
मीर तक़ी मीर द्वारा
کب تلک جی رکے خفا ہووے
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बे कसाना जी गिरफ़्तारी से शिवन में रहा
मीर तक़ी मीर द्वारा
بے کسانہ جی گرفتاری سے شیون میں رہا
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तंग आए हैं दिल इस जी से उठा बैठें गे
मीर तक़ी मीर द्वारा
تنگ آئے ہیں دل اس جی سے اٹھا بیٹھیں گے
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तुझ में पड़ा हुआ हूँ हरकत नहीं है मुझ में
जौन एलिया द्वारा
تجھ میں پڑا ہوا ہوں حرکت نہیں ہے مجھ میں
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देखता रहता हूँ मैं जो कुछ परेशानी करे
Amjad Islam Amjad द्वारा
دیکھتا رہتا ہوں میں جو کچھ پریشانی کرے
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ऐ अब्र-ए-तर तू और किसी सिम्त को बरस
मीर तक़ी मीर द्वारा
اے ابر تر تو اور کسی سمت کو برس
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लो हम मरीज़-ए-इश्क़ के बीमार-दार हैं
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
لو ہم مریض عشق کے بیمار دار ہیں
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अब भला छोड़ के घर क्या करते
परवीन शाकिर द्वारा
اب بھلا چھوڑ کے گھر کیا کرتے
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कौन से शौक़ किस हवस का नहीं
जौन एलिया द्वारा
کون سے شوق کس ہوس کا نہیں
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हवास में तो न थे फिर भी क्या न कर आए
जौन एलिया द्वारा
حواس میں تو نہ تھے پھر بھی کیا نہ کر آئے
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क्या मुसीबत-ज़दा दिल माइल-ए-आज़ार न था
मीर तक़ी मीर द्वारा
کیا مصیبت زدہ دل مائل آزار نہ تھا
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वो देखने हमें टुक बीमारी में न आया
मीर तक़ी मीर द्वारा
وہ دیکھنے ہمیں ٹک بیماری میں نہ آیا
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तराश कर मिरे बाज़ू उड़ान छोड़ गया
परवीन शाकिर द्वारा
تراش کر مرے بازو اڑان چھوڑ گیا
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मैंने जो बे-कसाना मज्लिस में जान खोई
मीर तक़ी मीर द्वारा
میں نے جو بے کسانہ مجلس میں جان کھوئی
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बिसात-ए-अज्ज़ में था एक दिल यक क़तरा-ए-ख़ूँ वो भी
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
بساط عجز میں تھا ایک دل یک قطرہ خوں وہ بھی
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