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अजब इक तौर है जो हम सितम ईजाद रखें
عجب اک طور ہے جو ہم ستم ایجاد رکھیں
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यक-ब-यक शोरिश-ए-फ़ुग़ां की तरह
یک بیک شورش فغاں کی طرح
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दिल में अब ताक़त कहाँ ख़ूँ नाबा अफ़शानी करे
دل میں اب طاقت کہاں خوں نابہ افشانی کرے
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जग में कोई न टुक हँसा होगा
جگ میں کوئی نہ ٹک ہنسا ہوگا
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गिला नहीं है हमें अपनी जाँ-गुदाज़ी का
گلا نہیں ہے ہمیں اپنی جاں گدازی کا
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