ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
दीवानगी
सभी
33
अशआर
0
ग़ज़ल
33
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
नहीं वसवस जी गँवाने के
मीर तक़ी मीर द्वारा
نہیں وسواس جی گنوانے کے
0
रात प्यासा था मेरे लहू का
मीर तक़ी मीर द्वारा
رات پیاسا تھا میرے لوہو کا
0
तुम्हें भी चाहिए है कुछ तो पास चाहत का
मीर तक़ी मीर द्वारा
تمہیں بھی چاہیے ہے کچھ تو پاس چاہت کا
0
दिल कितना आबाद हुआ जब दीद के घर बर्बाद हुए
जौन एलिया द्वारा
دل کتنا آباد ہوا جب دید کے گھر برباد ہوئے
0
बे कसाना जी गिरफ़्तारी से शिवन में रहा
मीर तक़ी मीर द्वारा
بے کسانہ جی گرفتاری سے شیون میں رہا
0
बज़्म से जब निगार उठता है
जौन एलिया द्वारा
بزم سے جب نگار اٹھتا ہے
0
गर्मी से मैं तो आतिश-ए-ग़म की पिघल गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
گرمی سے میں تو آتش غم کی پگھل گیا
0
दामन वसीअ था तो काहे को चश्म तरसा
मीर तक़ी मीर द्वारा
دامن وسیع تھا تو کاہے کو چشم ترسا
0
अब मुझे गुलशन से क्या जब ज़ेर-ए-दाम आ ही गया
قمر جلالوی द्वारा
اب مجھے گلشن سے کیا جب زیر دام آ ہی گیا
0
तुझे क्या नासिहा अहबाब खुद समझाए जाते हैं
قمر جلالوی द्वारा
تجھے کیا ناصحا احباب خود سمجھائے جاتے ہیں
0
चल निकलती हैं ग़म-ए-यार से बातें क्या क्या
अहमद फ़राज़ द्वारा
چل نکلتی ہیں غم یار سے باتیں کیا کیا
0
इश्क़ हरचंद मिरी जान सदा खाता है
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
عشق ہرچند مری جان سدا کھاتا ہے
0
रूठा था तुझ से यानी ख़ुद अपनी ख़ुशी से मैं
जौन एलिया द्वारा
روٹھا تھا تجھ سے یعنی خود اپنی خوشی سے میں
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें