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शौक़ है तो है उस का घर नज़दीक
मीर तक़ी मीर द्वारा
شوق ہے تو ہے اس کا گھر نزدیک
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चराग़ राह बुझा क्या कि रहनुमा भी गया
परवीन शाकिर द्वारा
چراغ راہ بجھا کیا کہ رہنما بھی گیا
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दिल का क्या है वो तो चाहेगा मुसलसल मिलना
परवीन शाकिर द्वारा
دل کا کیا ہے وہ تو چاہے گا مسلسل ملنا
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अगरचे तुझ से बहुत इख़्तिलाफ़ भी न हुआ
परवीन शाकिर द्वारा
اگرچہ تجھ سے بہت اختلاف بھی نہ ہوا
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वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा
परवीन शाकिर द्वारा
وہ تو خوش بو ہے ہواؤں میں بکھر جائے گا
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ज़िंदगी बे-साइबाँ बे-घर कहीं ऐसी न थी
परवीन शाकिर द्वारा
زندگی بے سائباں بے گھر کہیں ایسی نہ تھی
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कोई हुआ न रोकश टुक मेरी चश्म-ए-तर से
मीर तक़ी मीर द्वारा
کوئی ہوا نہ روکش ٹک میری چشم تر سے
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चाक पर चाक हुआ जूँ जूँ सिलाया हम ने
मीर तक़ी मीर द्वारा
چاک پر چاک ہوا جوں جوں سلایا ہم نے
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हुसूल काम का दिल-ख़्वाह याँ हुआ भी है
मीर तक़ी मीर द्वारा
حصول کام کا دل خواہ یاں ہوا بھی ہے
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ऐ कू-ए-यार तेरे ज़माने गुज़र गए
जौन एलिया द्वारा
اے کوئے یار تیرے زمانے گزر گئے
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नहीं निभाई ख़ुशी से ग़मी को छोड़ दिया
जौन एलिया द्वारा
نہیں نباہی خوشی سے غمی کو چھوڑ دیا
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सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं
जौन एलिया द्वारा
ساری دنیا کے غم ہمارے ہیں
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अगर यूँ ही यह दिल सताता रहेगा
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
اگر یوں ہی یہ دل ستاتا رہے گا
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दिल ने किया है क़स्द-ए-सफ़र घर समेट लो
जौन एलिया द्वारा
دل نے کیا ہے قصد سفر گھر سمیٹ لو
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