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उसके पहलू से लग के चलते हैं
जौन एलिया द्वारा
اس کے پہلو سے لگ کے چلتے ہیں
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तुम हक़ीक़त नहीं हो हसरत हो
जौन एलिया द्वारा
تم حقیقت نہیں ہو حسرت ہو
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उस ने हम को गुमान में रखा
जौन एलिया द्वारा
اس نے ہم کو گمان میں رکھا
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हर एक बात न क्यों ज़हर सी हमारी लगे
अहमद फ़राज़ द्वारा
ہر ایک بات نہ کیوں زہر سی ہماری لگے
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हम भी शायर थे कभी जान-ए-सुख़न याद नहीं
अहमद फ़राज़ द्वारा
ہم بھی شاعر تھے کبھی جان سخن یاد نہیں
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राज़-ए-दिल क्यों न कहूँ सामने दीवानों के
قمر جلالوی द्वारा
راز دل کیوں نہ کہوں سامنے دیوانوں کے
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मुझे बाग़बां से गिला यह है कि चमन से बे-ख़बरी रही
قمر جلالوی द्वारा
مجھے باغباں سے گلہ یہ ہے کہ چمن سے بے خبری رہی
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बे-नियाज़-ए-ग़म-ए-पैमान-ए-वफ़ा हो जाना
अहमद फ़राज़ द्वारा
بے نیاز غم پیمان وفا ہو جانا
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था अबस तर्क-ए-ताल्लुक़ का इरादा यूँ भी
अहमद फ़राज़ द्वारा
تھا عبث ترک تعلق کا ارادہ یوں بھی
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सकूत-ए-शाम-ए-ख़िज़ां है क़रीब आ जाओ
अहमद फ़राज़ द्वारा
سکوت شام خزاں ہے قریب آ جاؤ
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लड़ के फिर आए डर गए शायद
मीर तक़ी मीर द्वारा
لڑ کے پھر آئے ڈر گئے شاید
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कई दिन सुलूक-ए-विदाअ का मिरे दर-पय-ए-दिल-ए-ज़ार था
मीर तक़ी मीर द्वारा
کئی دن سلوک وداع کا مرے درپے دل زار تھا
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न किसी से पास मेरे यार का आना गया
मीर तक़ी मीर द्वारा
نا کسی سے پاس میرے یار کا آنا گیا
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जुज़ जुर्म-ए-इश्क़ कोई भी साबित किया गुनाह
मीर तक़ी मीर द्वारा
جز جرم عشق کوئی بھی ثابت کیا گناہ
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ख़ूब थे वे दिन कि हम तेरे गिरफ़्तारों में थे
मीर तक़ी मीर द्वारा
خوب تھے وے دن کہ ہم تیرے گرفتاروں میں تھے
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लम्हे लम्हे की ना-रसाई है
जौन एलिया द्वारा
لمحے لمحے کی نارسائی ہے
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बे-क़रारी सी बे-क़रारी है
जौन एलिया द्वारा
بے قراری سی بے قراری ہے
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वो क्या कुछ न करने वाले थे
जौन एलिया द्वारा
وہ کیا کچھ نہ کرنے والے تھے
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दुख फ़साना नहीं कि तुझ से कहें
अहमद फ़राज़ द्वारा
دکھ فسانہ نہیں کہ تجھ سے کہیں
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जो कहो तुम सो है बजा साहब
मीर तक़ी मीर द्वारा
جو کہو تم سو ہے بجا صاحب
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