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हस्ती अपनी हबाब की सी है
ہستی اپنی حباب کی سی ہے
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मेरी लौ लगी है तुझसे ग़म-ए-ज़िंदगी मिटा दे
مری لو لگی ہے تجھ سے غم زندگی مٹا دے
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जीते जी कूचए-दिल-दार से जाया न गया
جیتے جی کوچۂ دل دار سے جایا نہ گیا
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ग़म रहा जब तक कि दम में दम रहा
غم رہا جب تک کہ دم میں دم رہا
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चमन में गुल ने जो कल दावा-ए-जमाल किया
چمن میں گل نے جو کل دعوی جمال کیا
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