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मुँह तका ही करे है जिस तिस का
منہ تکا ہی کرے ہے جس تس کا
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था मुस्तआर हुस्न से उस के जो नूर था
تھا مستعار حسن سے اس کے جو نور تھا
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ग़म रहा जब तक कि दम में दम रहा
غم رہا جب تک کہ دم میں دم رہا
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शर्ह-ए-बेदर्दी-ए-हालात न होने पाई
شرح بے دردئ حالات نہ ہونے پائی
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जमेगी कैसे बिसात-ए-यारां कि शीशा-ओ-जाम बुझ गए हैं
جمے گی کیسے بساط یاراں کہ شیشہ و جام بجھ گئے ہیں
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