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उन के जाते ही यह वहशत का असर देखा किये
ان کے جاتے ہی یہ وحشت کا اثر دیکھا کئے
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कभी जो आँख पे गेसू-ए-यार होता है
کبھی جو آنکھ پہ گیسوئے یار ہوتا ہے
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अब क्या सोचें क्या हालात थे किस कारन ये ज़हर पिया है
اب کیا سوچیں کیا حالات تھے کس کارن یہ زہر پیا ہے
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कहा था किस ने कि अहद-ए-वफ़ा करो उस से
کہا تھا کس نے کہ عہد وفا کرو اس سے
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कल शब-ए-हिज्राँ थी लब पर नाला-ए-बीमाराना था
کل شب ہجراں تھی لب پر نالہ بیمارانہ تھا
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