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काबे में जाँ-ब-लब थे हम दूरी-ए-बुताँ से
मीर तक़ी मीर द्वारा
کعبے میں جاں بہ لب تھے ہم دوریٔ بتاں سے
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हालत हाल के सबब हालत हाल ही गई
जौन एलिया द्वारा
حالت حال کے سبب حالت حال ہی گئی
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क़ुर्बत भी नहीं दिल से उतर भी नहीं जाता
अहमद फ़राज़ द्वारा
قربت بھی نہیں دل سے اتر بھی نہیں جاتا
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इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ
अहमद फ़राज़ द्वारा
اس سے پہلے کہ بے وفا ہو جائیں
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न दिल से आह न लब से सदा निकलती है
अहमद फ़राज़ द्वारा
نہ دل سے آہ نہ لب سے صدا نکلتی ہے
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बारिश में अहद तोड़ के गर मय-कशी हुई
قمر جلالوی द्वारा
بارش میں عہد توڑ کے گر مے کشی ہوئی
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कल बारे हम से उस से मुलाक़ात हो गई
मीर तक़ी मीर द्वारा
کل بارے ہم سے اس سے ملاقات ہو گئی
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हिज्र की आँखों से आँखें तो मिलाते जाइये
जौन एलिया द्वारा
ہجر کی آنکھوں سے آنکھیں تو ملاتے جائیے
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आओ कभू तो पास हमारे भी नाज़ से
मीर तक़ी मीर द्वारा
آؤ کبھو تو پاس ہمارے بھی ناز سے
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तरस रहा हूँ मगर तू नज़र न आ मुझ को
अहमद फ़राज़ द्वारा
ترس رہا ہوں مگر تو نظر نہ آ مجھ کو
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जब भी आँखों में तिरे वस्ल का लम्हा चमका
Amjad Islam Amjad द्वारा
جب بھی آنکھوں میں ترے وصل کا لمحہ چمکا
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याद अय्याम कि याँ तर्क-ए-शकेबाई था
मीर तक़ी मीर द्वारा
یاد ایام کہ یاں ترک شکیبائی تھا
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दिल जो है आग लगा दूँ उस को
जौन एलिया द्वारा
دل جو ہے آگ لگا دوں اس کو
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अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें
अहमद फ़राज़ द्वारा
اب کے ہم بچھڑے تو شاید کبھی خوابوں میں ملیں
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मैं भी दुनिया में हूँ इक नाल-ए-परेशाँ यक जा
मीर तक़ी मीर द्वारा
میں بھی دنیا میں ہوں اک نالۂ پریشاں یک جا
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दहर भी 'मीर' तुर्फ़ा मक़्तल है
मीर तक़ी मीर द्वारा
دہر بھی میرؔ طرفہ مقتل ہے
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अपनी मंज़िल का रास्ता भेजो
जौन एलिया द्वारा
اپنی منزل کا راستہ بھیجو
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आदमी वक़्त पर गया होगा
जौन एलिया द्वारा
آدمی وقت پر گیا ہوگا
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وحشتیں بڑھتی گئیں ہجر کے آزار کے ساتھ
अहमद फ़राज़ द्वारा
وحشتیں بڑھتی گئیں ہجر کے آزار کے ساتھ
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जुज़ तेरे कोई भी दिन रात न जाने मेरे
अहमद फ़राज़ द्वारा
جز ترے کوئی بھی دن رات نہ جانے میرے
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