ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
हौसला-ए-इंकार
सभी
2
अशआर
0
ग़ज़ल
2
ग़ज़ल
2
0
क़ामत को तेरे सर्व-ए-सनोबर नहीं कहा
قامت کو تیرے سرو صنوبر نہیں کہا
0
इक बूँद थी लहू की सर-ए-दार तो गिरी
اک بوند تھی لہو کی سر دار تو گری
कवियों की सूची
कवियों
और जानें