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मुवा मैं सजदे में पर नक़्श मेरा बार रहा
मीर तक़ी मीर द्वारा
موا میں سجدے میں پر نقش میرا بار رہا
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दिन नहीं रात नहीं सुब्ह नहीं शाम नहीं
मीर तक़ी मीर द्वारा
دن نہیں رات نہیں صبح نہیں شام نہیں
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जो यह दिल है तो क्या सरंजाम होगा
मीर तक़ी मीर द्वारा
جو یہ دل ہے تو کیا سرانجام ہوگا
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ख़याल-ओ-ख़्वाब हुआ बर्ग-ओ-बार का मौसम
परवीन शाकिर द्वारा
خیال و خواب ہوا برگ و بار کا موسم
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जुस्तजू खोए हुओं की उम्र भर करते रहे
परवीन शाकिर द्वारा
جستجو کھوئے ہوؤں کی عمر بھر کرتے رہے
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यूँ तुम्हारे नातवान-ए-शौक़ मंज़िल भर चले
قمر جلالوی द्वारा
یوں تمہارے ناتوان شوق منزل بھر چلے
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चेहरे पे मिरे ज़ुल्फ़ को फैलाओ किसी दिन
Amjad Islam Amjad द्वारा
چہرے پہ مرے زلف کو پھیلاؤ کسی دن
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बंद क़बा को ख़ूबाँ जिस वक़्त वा करेंगे
मीर तक़ी मीर द्वारा
بند قبا کو خوباں جس وقت وا کریں گے
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बे-क़रारी सी बे-क़रारी है
जौन एलिया द्वारा
بے قراری سی بے قراری ہے
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क्या करे मेरी मसीहाई भी करने वाला
परवीन शाकिर द्वारा
کیا کرے میری مسیحائی بھی کرنے والا
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शौक़ है तो है उस का घर नज़दीक
मीर तक़ी मीर द्वारा
شوق ہے تو ہے اس کا گھر نزدیک
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दिल का क्या है वो तो चाहेगा मुसलसल मिलना
परवीन शाकिर द्वारा
دل کا کیا ہے وہ تو چاہے گا مسلسل ملنا
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रूठा था तुझ से यानी ख़ुद अपनी ख़ुशी से मैं
जौन एलिया द्वारा
روٹھا تھا تجھ سے یعنی خود اپنی خوشی سے میں
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ता हम को शिकायत की भी बाक़ी न रहे जा
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
تا ہم کو شکایت کی بھی باقی نہ رہے جا
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