ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
इश्क़
सभी
228
अशआर
0
ग़ज़ल
228
ग़ज़ल
228
0
गिरां-ए-शब-ए-हिज्रां दो चंद क्या करते
گرانئ شب ہجراں دو چند کیا کرتے
0
क़र्ज़-ए-निगाह-ए-यार अदा कर चुके हैं हम
قرض نگاہ یار ادا کر چکے ہیں ہم
0
गरमी-ए-शौक़-ए-नज़ारा का असर तू देखो
گرمئ شوق نظارہ کا اثر تو دیکھو
0
हुज़ूर-ए-यार में हर्फ़-ए-इल्तिजा के रक्खे थे
حضور یار میں حرف التجا کے رکھے تھے
0
छाती जला करे है सोज़-ए-दरूँ बला है
چھاتی جلا کرے ہے سوز دروں بلا ہے
सभी देखें
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें