ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
कशमकश
सभी
83
अशआर
0
ग़ज़ल
83
ग़ज़ल
83
0
क़ुर्बतों में भी जुदाई के ज़माने माँगे
قربتوں میں بھی جدائی کے زمانے مانگے
0
वो तफ़ावुतें हैं मरे ख़ुदा कि ये तो नहीं कोई और है
وہ تفاوتیں ہیں مرے خدا کہ یہ تو نہیں کوئی اور ہے
0
कुछ फ़ैसला तो हो कि किधर जाना चाहिए
کچھ فیصلہ تو ہو کہ کدھر جانا چاہیے
0
कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तेरा ख़याल भी
کچھ تو ہوا بھی سرد تھی کچھ تھا ترا خیال بھی
0
शर्मिंदगी है हम को बहुत हम मिले तुम्हें
شرمندگی ہے ہم کو بہت ہم ملے تمہیں
सभी देखें
← पिछला
अगला →
कवियों की सूची
कवियों
और जानें