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गुमान यही है कि दिल ख़ुद इधर को जाता है
अहमद फ़राज़ द्वारा
گماں یہی ہے کہ دل خود ادھر کو جاتا ہے
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देखता रहता हूँ मैं जो कुछ परेशानी करे
Amjad Islam Amjad द्वारा
دیکھتا رہتا ہوں میں جو کچھ پریشانی کرے
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रब्त है नाज़-ए-बुताँ को तो मिरी जान के साथ
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
ربط ہے ناز بتاں کو تو مری جان کے ساتھ
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क़दमों में भी तकान थी घर भी क़रीब था
परवीन शाकिर द्वारा
قدموں میں بھی تکان تھی گھر بھی قریب تھا
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ये पैहम तल्ख़-कामी सी रही क्या
जौन एलिया द्वारा
یہ پیہم تلخ کامی سی رہی کیا
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हर धड़कन हैजानि थी हर ख़मोशी तूफ़ानी थी
जौन एलिया द्वारा
ہر دھڑکن ہیجانی تھی ہر خاموشی طوفانی تھی
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है अजब हाल ये ज़माने का
जौन एलिया द्वारा
ہے عجب حال یہ زمانے کا
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भटकता फिर रहा हूँ जुस्तुजू बिन
जौन एलिया द्वारा
بھٹکتا پھر رہا ہوں جستجو بن
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कौन से शौक़ किस हवस का नहीं
जौन एलिया द्वारा
کون سے شوق کس ہوس کا نہیں
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क्या ये आफ़त नहीं अज़ाब नहीं
जौन एलिया द्वारा
کیا یہ آفت نہیں عذاب نہیں
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मसनद-ए-ग़म पे जच रहा हूँ मैं
जौन एलिया द्वारा
مسند غم پہ جچ رہا ہوں میں
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दुख फ़साना नहीं कि तुझ से कहें
अहमद फ़राज़ द्वारा
دکھ فسانہ نہیں کہ تجھ سے کہیں
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न तेरा क़ुर्ब न बादा है क्या क्या जाए
अहमद फ़राज़ द्वारा
نہ تیرا قرب نہ بادہ ہے کیا کیا جائے
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मिज़ाज हम से ज़्यादा जुदा न था उस का
अहमद फ़राज़ द्वारा
مزاج ہم سے زیادہ جدا نہ تھا اس کا
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तश्हीर अपने दर्द की हर सू कराइए
Amjad Islam Amjad द्वारा
تشہیر اپنے درد کی ہر سو کرائیے
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इश्क़ हरचंद मिरी जान सदा खाता है
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
عشق ہرچند مری جان سدا کھاتا ہے
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जब ब-तक़रीब-ए-सफ़र यार ने महमिल बाँधा
मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा
جب بہ تقریب سفر یار نے محمل باندھا
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दिल का क्या है वो तो चाहेगा मुसलसल मिलना
परवीन शाकिर द्वारा
دل کا کیا ہے وہ تو چاہے گا مسلسل ملنا
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अगरचे तुझ से बहुत इख़्तिलाफ़ भी न हुआ
परवीन शाकिर द्वारा
اگرچہ تجھ سے بہت اختلاف بھی نہ ہوا
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फ़ुर्क़त में वसलत बरपा है अल्लाह हू के बाड़े में
जौन एलिया द्वारा
فرقت میں وصلت برپا ہے اللہ ہو کے باڑے میں
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