ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
मोहब्बत
सभी
9
अशआर
0
ग़ज़ल
9
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
ज़िंदगी से यही गिला है मुझे
अहमद फ़राज़ द्वारा
زندگی سے یہی گلہ ہے مجھے
0
ये क्या कि सब से बयाँ दिल की हालतें करनी
अहमद फ़राज़ द्वारा
یہ کیا کہ سب سے بیاں دل کی حالتیں کرنی
0
जब कभी ख़ूबी-ए-क़िस्मत से तुझे देखते हैं
परवीन शाकिर द्वारा
جب کبھی خوبیٔ قسمت سے تجھے دیکھتے ہیں
0
निकले वो फूल बन के तेरे गुलिस्तां से हम
फ़ना बुलंदशहरी द्वारा
نکلے وہ پھول بن کے ترے گلستاں سے ہم
0
चाक पीराहनी-ए-गुुल को सबा जानती है
अहमद फ़राज़ द्वारा
چاک پیراہنیٔ گل کو صبا جانتی ہے
0
दिल पे इक तरफ़ा क़यामत करना
परवीन शाकिर द्वारा
دل پہ اک طرفہ قیامت کرنا
0
गुफ़्तगू अच्छी लगी ज़ौक़-ए-नज़र अच्छा लगा
अहमद फ़राज़ द्वारा
گفتگو اچھی لگی ذوق نظر اچھا لگا
0
न रुकते हैं आँसू न थमते हैं नाले
قمر جلالوی द्वारा
نہ رکتے ہیں آنسو نہ تھمتے ہیں نالے
0
नम हैं पलकें तिरी ऐ मौज-ए-हवा रात के साथ
परवीन शाकिर द्वारा
نم ہیں پلکیں تری اے موج ہوا رات کے ساتھ
कवियों की सूची
कवियों
और जानें