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हैं बाद मिरे मर्ग के आसार से अब तक
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہیں بعد مرے مرگ کے آثار سے اب تک
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हम भी फिरते हैं यक हशम ले कर
मीर तक़ी मीर द्वारा
ہم بھی پھرتے ہیں یک حشم لے کر
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छोड़ कर घर बार अपना हसरत-ए-दीदार में
قمر جلالوی द्वारा
چھوڑ کر گھر بار اپنا حسرت دیدار میں
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कहना तिरे मुँह पर तो निपट बे-अदबी है
मीर तक़ी मीर द्वारा
کہنا ترے منہ پر تو نپٹ بے ادبی ہے
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फ़िक्र है माह के जो शहर बदर करने की
मीर तक़ी मीर द्वारा
فکر ہے ماہ کے جو شہر بدر کرنے کی
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गुज़रा बना-ए-चर्ख़ से नाला पगाह का
मीर तक़ी मीर द्वारा
گزرا بنائے چرخ سے نالہ پگاہ کا
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तेरी गली में मैं न चलूँ और सबा चले
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
تیری گلی میں میں نہ چلوں اور صبا چلے
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जग में कोई न टुक हँसा होगा
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
جگ میں کوئی نہ ٹک ہنسا ہوگا
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ख़ुद से रिश्ते रहे कहाँ उनके
जौन एलिया द्वारा
خود سے رشتے رہے کہاں ان کے
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कर नाला कशी कब तईं औक़ात गुज़ारें
मीर तक़ी मीर द्वारा
کر نالہ کشی کب تئیں اوقات گزاریں
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क़यामत हैं ये चुस्पाँ जामे वाले
मीर तक़ी मीर द्वारा
قیامت ہیں یہ چسپاں جامے والے
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यक्सू कुशादा रूई पर चीं नहीं जबीं भी
मीर तक़ी मीर द्वारा
یکسو کشادہ روئی پر چیں نہیں جبیں بھی
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