ADABKHANA
शोअरा
ग़ज़लें
अशआर
मुहावरे
लुग़त
और
कुल्लियात
टैग्स
खोज
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
ENG
URD
HIN
Login
प्रोफ़ाइल संपादित करें
मेरी पसंदीदा
लॉग आउट
खोज
लॉगिन
रजिस्टर करें
लॉगिन करें
खाता बनाएँ
← टैग्स पर वापस
रुख़्सत
सभी
5
अशआर
0
ग़ज़ल
5
0
पसंदीदा
पसंदीदा
शेयर करें
क्रम से लगाएं
लोकप्रियता
वर्णानुक्रम
0
वक़्त-ए-रुख़्सत आ गया दिल फिर भी घबराया नहीं
परवीन शाकिर द्वारा
وقت رخصت آ گیا دل پھر بھی گھبرایا نہیں
0
दिल पे इक तरफ़ा क़यामत करना
परवीन शाकिर द्वारा
دل پہ اک طرفہ قیامت کرنا
0
रुकने का समय गुज़र गया है
परवीन शाकिर द्वारा
رکنے کا سمے گزر گیا ہے
0
चारा-साज़ों की अज़ीयत नहीं देखी जाती
परवीन शाकिर द्वारा
چارہ سازوں کی اذیت نہیں دیکھی جاتی
0
तोहमत चंद अपने ज़िम्मे धर चले
ख़्वाजा मीर दर्द द्वारा
تہمت چند اپنے ذمے دھر چلے
कवियों की सूची
कवियों
और जानें