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दिल जो ज़ेर-ए-ग़ुबार अक्सर था
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل جو زیر غبار اکثر تھا
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हैरान है जबीं आज किधर सज्दा रवां है
فیض احمد فیض द्वारा
حیراں ہے جبیں آج کدھر سجدہ روا ہے
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वो आग़ाज़-ए-मोहब्बत का ज़माना
قمر جلالوی द्वारा
وہ آغاز محبت کا زمانہ
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दोनों हैं उन के हिज्र का हासिल लिये हुए
قمر جلالوی द्वारा
دونوں ہیں ان کے ہجر کا حاصل لئے ہوئے
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दूरियाँ सिमटने में देर कुछ तो लगती है
Amjad Islam Amjad द्वारा
دوریاں سمٹنے میں دیر کچھ تو لگتی ہے
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दिल के म'मूरे की मत कर फ़िक्र फ़ुर्सत चाहिए
मीर तक़ी मीर द्वारा
دل کے معمورے کی مت کر فکر فرصت چاہیے
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दुआ का टूटा हुआ हर्फ़ सर्द आह में है
परवीन शाकिर द्वारा
دعا کا ٹوٹا ہوا حرف سرد آہ میں ہے
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