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गुज़राँ हैं गुज़रते रहते हैं
گزراں ہیں گزرتے رہتے ہیں
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उस ने हम को गुमान में रखा
اس نے ہم کو گمان میں رکھا
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सजदे तेरे कहने से मैं कर लूँ भी तो क्या हो
سجدے ترے کہنے سے میں کر لوں بھی تو کیا ہو
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कौन से थे वो तुम्हारे अहद जो टूटे न थे
کون سے تھے وہ تمہارے عہد جو ٹوٹے نہ تھے
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इस में कोई फ़रेब तो ऐ आसमाँ नहीं
اس میں کوئی فریب تو اے آسماں نہیں
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